रायपुर,20 जून (आरएनएस)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए सूखे हैंडपंपों और बोरवेलों के रिचार्ज का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों के सूखे हैंडपंपों की सूची प्राप्त कर स्थल निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान स्थल उपलब्धता एवं जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट) की उपयुक्तता के आधार पर 57 हैंडपंपों का चयन किया गया। चयनित कार्यों को मनरेगा के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले के विकासखंड अभनपुर में 6, आरंग में 21, धरसींवा में 15 तथा तिल्दा में 15 हैंडपंपों पर रिचार्ज कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, जिसके तहत वर्षा के स्वच्छ बहाव जल को प्राकृतिक रूप से छानकर भूजल स्तर तक पहुंचाया जाता है।इस तकनीक में वर्षा जल को नालियों के माध्यम से एकत्र कर बोरवेल के समीप बनाए गए रिचार्ज पिट में प्रवाहित किया जाता है। यहां पानी रेत, गिट्टी और बड़े पत्थरों की परतों से होकर गुजरता है, जिससे उसमें मौजूद कचरा एवं अशुद्धियां छन जाती हैं। इसके बाद स्वच्छ जल रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से जमीन के भीतर पहुंचकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
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