नईदिल्ली,21 जून। फीफा विश्व कप 2026 में पराग्वे फुटबॉल टीम ने ग्रुप-डी में अपने तीसरे मुकाबले में तुर्की को 1-0 से हराकर नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। इसके साथ तुर्की का विश्व कप में सफर समाप्त हो गया है। सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पराग्वे के लिए स्टार खिलाड़ी मटियास गलार्जा ने गोल दागकर टीम को मैच में आगे किया। तुर्की की ओर से कोई भी खिलाड़ी गोल नहीं कर पाया।
इस अहम मुकाबले में पराग्वे ने जोश और संघर्ष दिखाया। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कई बार गोल करने का प्रयास किया। इसमें उसे जल्द ही सफलता भी मिल गई। मैच के दूसरे मिनट में गलार्जा ने डी के बाहर से एक दनदनाता शॉट मारा, जो गोलकीपर को छकाते हुए सीधा गोल पोस्ट में जा घुसा। इससे टीम ने 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद तुर्की ने जवाबी हमले किए, लेकिन गोल नहीं कर पाई।
दूसरे हाफ में तुर्की ने जहां गोल कर बराबरी हासिल करने का प्रयास किया, वहीं पराग्वे की कोशिश गोल बचाने की रही। हालांकि, पराग्वे में भी बीच-बीच में गोल करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान तुर्की को 2 बार गोल करने के शानदार मौके भी मिले, लेकिन वह उसे भुना नहीं पाई। अतिरिक्त समय में दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल के प्रयास किए, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली।
पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम (45+3) में जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला, जब पैराग्वे के मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन ने तुर्की के मिडफील्डर डिफेंडर मेर्ट मुल्डुर से तीखी बहस करते हुए दोनों हाथों से अपना मुंह ढक लिया। तुर्की के डिफेंडर ने तुरंत मैच अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद वीएआर का इस्तेमाल किया गया और अल्मिरोन को दोषी पाया गया। इस पर मैच रैफरी इवान बार्टन ने रेड कार्ड दिखाते हुए मैदान से बाहर कर दिया।
अल्मिरोन को रेड कार्ड फीफा के नए नियम के तहत दिखाया गया है। फीफा ने मैदान पर अपमानजनक या भेदभावपूर्ण भाषा से निपटने के प्रयासों के तहत मौजूदा विश्व कप से पहले इस नियम को लागू किया था। इसके तहत अगर कोई खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी से टकराव की स्थिति में अपना मुंह हाथ, बांह या कमीज से ढंकता है, तो उसे रेड कार्ड दिखाया जा सकता है। ऐसे में अल्मिरोन इस नियम का शिकार होने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
पराग्वे के गलार्जा ने 2026 विश्व कप का सबसे तेज गोल मात्र 64 सेकंड में किया। उन्होंने मोरक्को के स्ट्राइकर इस्माइल सैबारी द्वारा स्कॉटलैंड के खिलाफ 71 सेकंड में गोल करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसी तरह गलार्जा 1970 में येलो कार्ड लागू होने के बाद से किसी फीफा विश्व कप के मैच में 15वें मिनट से पहले गोल करने और चेतावनी प्राप्त करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
मैच में तुर्की ने गोल करने की 31 बार कोशिश की और 5 बार टारगेट पर शॉट लगाए। दूसरी तरफ पराग्वे ने केवल 7 बार गोल करने का प्रयास किया और 2 बार टारगेट पर शॉट लगाए। इस मैच में तुर्की का 78 प्रतिशत समय बॉल का कब्जा रहा। उसने 90 प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ 638 पास पूरे किए। इसी तरह पराग्वे 22 प्रतिशत बॉल पर कब्जा रखा और 58 प्रतिशत एक्यरेसी के साथ 154 पास पूरे किए।
इस जीत के साथ पराग्वे टीम 3 अंकों के साथ अपने ग्रुप-डी में तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया के भी 3 अंक हैं, लेकिन गोल के मामले में ऑस्ट्रेलिया की टीम उससे ऊपर है। इसी तरह यूएसए फुटबॉल टीम अपने 2 मैच जीतकर 6 अंकों के साथ पहले ही नॉकआउट के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। ऐसे में अब ऑस्ट्रेलिया और पराग्वे के आगामी मैचों के बाद उनके नॉकआउट में पहुंचने की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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