0 72 घंटे में सुलझा ब्लाइंड मर्डर, पहचान छिपाने के लिए हत्या के बाद शव को पेट्रोल डालकर जलाया
रायगढ़, 21 जून (आरएनएस)। रायगढ़ पुलिस ने तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली महिला की लाश के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग से पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार 17 जून को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था। शव के आसपास घसीटने के निशान मिलने पर पूंजीपथरा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतिका की पहचान और आरोपी तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया तथा स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी दौरान जशपुर जिले के दो युवक पुलिस के पास पहुंचे और बरामद कपड़ों एवं अन्य संकेतों के आधार पर मृतिका की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60 वर्ष) निवासी ग्राम बोरो, जिला जशपुर के रूप में की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतिका पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी करती थी और पिछले कुछ महीनों से आरोपी इमिलीयूस तिग्गा (45 वर्ष) के साथ रह रही थी। पुलिस ने आरोपी की तलाश कर जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से उसे हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और वे पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। मृतिका को आरोपी पर दूसरी पत्नी रखने का संदेह था, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 17 जून को विवाद बढऩे पर आरोपी ने महिला की साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाडिय़ों में छिपा दिया और शाम को पेट्रोल खरीदकर शव को दूसरी जगह ले जाकर आग लगा दी, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, पीएसआई मनीष पोया सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर रायगढ़ पुलिस त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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