महासमुंद,21 जून (आरएनएस)। 17.50 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा के बौद्ध जिले से गांजा उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर (मुख्य सोर्स) को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार परिवहनकर्ताओं से मिले सुराग, तकनीकी विश्लेषण और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पुलिस ने तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को उसके घर से दबोच लिया।पुलिस के अनुसार, थाना कोमाखान में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण क्रमांक 92/2026 की जांच के दौरान एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स ने गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क की कडिय़ां जोड़ीं। जांच में सामने आया कि ओडिशा के बौद्ध जिले के ग्राम गुंडमेंडा निवासी हरीशचंद्र प्रधान (35) ही गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सोर्स है। इसके बाद पुलिस टीम ओडिशा पहुंची और घने जंगल तथा पहाड़ी क्षेत्र के बीच स्थित गांव तक पहुंचकर तकनीकी टीम की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।गौरतलब है कि 17 जून 2026 को थाना कोमाखान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम टेमरी जांच नाका के पास टाटा इंडिका कार क्रमांक एमपी-04-सीबी-0848 की जांच की थी। इस दौरान कार से 17.500 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत करीब 8.75 लाख रुपये है, बरामद किया गया था। गांजा ओडिशा के भवानीपटना से खरीदकर मध्यप्रदेश के शिवपुरी ले ाया जा रहा था।इस मामले में पुलिस ने शिवपुरी (मध्यप्रदेश) निवासी दिनेश गिरी गोस्वामी (35) और लतिा जाटव (26) को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए महिला और बच्चे को ढाल बनाया था।पुलिस ने पहले की कार्रवाई में गांजा, परिवहन में प्रयुक्त कार और दो मोबाइल फोन सहित कुल 9 लाख 38 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की थी।
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