0 केसीसी लोन राशि हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार
0 प्रार्थी के नाम से 10 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर केवल 1.50 लाख रुपये देने का झांसा, मोबाइल नंबर लिंक कर की गई ठगी
बस्तर/नगरनार, 21 जून (आरएनएस)। थाना नगरनार पुलिस ने एक अशिक्षित किसान के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी ने किसान के नाम पर 10 लाख रुपये का केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन स्वीकृत कराकर उसे केवल 1.50 लाख रुपये का ऋण मिलने की जानकारी दी और शेष 8.50 लाख रुपये अपने कब्जे में कर लिए।
पुलिस के अनुसार ग्राम कुरंदी जामगुड़ा निवासी 55 वर्षीय गणपति बघेल ने थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2023 में बैल खरीदने के लिए ऋण की आवश्यकता होने पर उसने गांव के लकी सेठिया से बैंक लोन के संबंध में जानकारी ली थी। आरोपी ने बैंक प्रबंधक को अपना परिचित बताते हुए उसे जगदलपुर स्थित आईसीआईसीआई बैंक ले जाकर खाता खुलवाया और चालाकी से अपने मोबाइल नंबर को खाते से लिंक करा दिया।
इसके बाद आरोपी ने किसान की जमीन के दस्तावेज बैंक में जमा कराकर उसके नाम पर 10 लाख रुपये का केसीसी लोन स्वीकृत करा लिया। हालांकि उसने प्रार्थी को केवल 1.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत होने की जानकारी दी और बैंक से 1 लाख तथा बाद में 50 हजार रुपये दिलवाकर बाकी राशि अपने नियंत्रण में रख ली।
करीब तीन माह बाद बैंक की ओर से ऋण अदायगी का नोटिस मिलने पर किसान को पता चला कि उसके नाम पर 10 लाख रुपये का लोन लिया गया है। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी की तलाश की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपी लकी सेठिया (40 वर्ष) ने स्वीकार किया कि उसने प्रार्थी के खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक करवाकर 10 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया था तथा फोन-पे और चेकबुक के माध्यम से 8.50 लाख रुपये निकाल लिए थे। आरोपी की निशानदेही पर एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन एवं आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कार्ड बरामद कर जब्त किया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संतोष सिंह, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश ठाकुर तथा आरक्षक यशवंत ध्रुव और विक्रम उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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