आरंग, 21 जून (आरएनएस)। प्रतिबंधित रेत उत्खनन सीजन के बावजूद महानदी से अवैध रेत परिवहन का कारोबार जारी है। इसी दौरान करमंदी मोड़ पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में अवैध रूप से रेत ले जा रहे ट्रैक्टर के चालक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ अवैध रेत कारोबार पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कन्हैया धीवर (24), निवासी ग्राम भानसोज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह ट्रैक्टर में रेत भरकर जा रहा था। इसी दौरान करमंदी मोड़ पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद रेत से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया और चालक कन्हैया धीवर उसके नीचे दब गया। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
प्रतिबंध के बावजूद जारी अवैध रेत कारोबार
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (हृत्रञ्ज) के नियमों के तहत मानसून को देखते हुए 15 जून से प्रदेश के सभी रेतघाटों पर उत्खनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद आरंग क्षेत्र के कुरूद, चिखली, मोहमेला, हरदीडीह और करमंदी सहित कई इलाकों में अवैध रेत खनन और परिवहन जारी होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों से रेत का परिवहन किया जा रहा है।
नाबालिग चालकों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध रेत परिवहन में लगे कई ट्रैक्टर बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बिना लाइसेंस अथवा नाबालिग चालकों से भी वाहन चलवाए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रेत कारोबार को लेकर कई बार प्रशासन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायतें की गई हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह कारोबार लगातार जारी है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन और परिवहन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
आरंग क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर पहले भी विवाद और हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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