रुड़की 21 जून (आरएनएस)। तहसील क्षेत्र के गंदासपुर गांव में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से करीब दो किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कार्य में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार नाले की खुदाई और मेड़ निर्माण का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि मेड़ को मजबूत बनाने के बजाय मिट्टी और घास-फूस के सहारे तैयार किया जा रहा है। इससे बरसात के दौरान नाला टूटने और किसानों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व हरिद्वार के जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्य में सुधार नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में यह नाला राहत देने के बजाय परेशानी का कारण बन सकता है।
सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) वैभव शर्मा ने बताया कि फिलहाल नाले की सफाई के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। नाले की खुदाई का कार्य अभी शेष है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सिंचाई विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को जेई को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम लक्सर अनिल कुमार ने बताया कि नाला सिंचाई विभाग द्वारा बनाया जा रहा है और वर्तमान में उसकी सफाई एवं खुदाई का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में किसी ग्रामीण द्वारा कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत प्राप्त होने पर जांच कराकर ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि नाला निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और बरसात से पहले निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप पूरा कराया जा सके।
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