नई दिल्ली,22 जून(आरएनएस)। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है. आंदोलन में शामिल छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. धरना स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी है. मंच से लगातार शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है. आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा या एक छात्र समूह का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है.
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, समोसे और पानी की व्यवस्था की गई है. कई स्वयंसेवक लगातार लोगों को भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध करा रहे हैं. आंदोलन के दौरान मंच से कुछ स्वयंसेवकों का उल्लेख किया गया, जो अपनी नौकरी और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ-साथ आंदोलन में भी योगदान दे रहे हैं. सुबह से देर रात तक लोगों को चाय, पानी और भोजन उपलब्ध कराने में लगे हुए हैं. अभिजीत दीपके ने ऐसे कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि आंदोलन केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ऐसे लोगों के समर्पण से मजबूत होता है जो पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं.
धरना स्थल से संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि एक बड़े उद्देश्य का है. उन्होंने कहा कि अगर किसी से कोई गलती होती है तो उसे खुलकर बताया जाना चाहिए. अभिजीत ने कहा कि जब आंदोलनकारी सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की आलोचना करते हैं, तो उन्हें अपनी कमियों को स्वीकार करने का साहस भी रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि आपसी मतभेद आंदोलन से बड़े नहीं होने चाहिए और सभी को मिलकर छात्रों के हित में काम करना चाहिए.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि धरना स्थल के आसपास बिजली और पानी की व्यवस्था में बाधाएं पैदा की जा रही हैं. आयोजकों का कहना है कि इससे आंदोलन में शामिल लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका मनोबल मजबूत है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं. प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और सरकार से छात्रों के मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं.
आंदोलन को और व्यापक समर्थन दिलाने के लिए सोमवार शाम 6 बजे जंतर-मंतर पर कैंडल लाइट मार्च का आयोजन किया जाएगा. आयोजकों द्वारा जारी पोस्टर में पेपर लीक के ख़िलाफ़ भारत का संदेश दिया गया है. पोस्टर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और एनटीए को समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है. आयोजकों का दावा है कि कैंडल लाइट मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. उनका कहना है कि यह मार्च उन छात्रों के समर्थन में निकाला जा रहा है, जो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बार-बार सामने आने वाली पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है. उनका आरोप है कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली में गड़बडिय़ों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई समय की मांग है.
धरना स्थल से बार-बार यह संदेश दिया जा रहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा, लेकिन मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार संबंधी मांगों पर कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
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