धमतरी, 22 जून (आरएनएस)। जिले के आदिवासी अंचलों में सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। करीब 52 गांवों के आदिवासी ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धमतरी में बड़ा प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट घेराव के लिए पैदल मार्च निकाला।
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न वाहनों से धमतरी पहुंचे और शोभाराम देवांगन चौक के पास एकत्रित हुए। यहां से सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर वर्षों से केवल आश्वासन देने और जमीनी स्तर पर विकास कार्य नहीं करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आज भी सड़क, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई बार मांग उठाने और ज्ञापन सौंपने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपना चाहते हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर विकास कार्य दिखाई देने चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अनुमानित रूप से 500 से 2000 के बीच ग्रामीण आंदोलन में शामिल रहे। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
फिलहाल जिला प्रशासन प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से चर्चा कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। वहीं, आंदोलनकारी अपनी मांगों के समाधान को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर डटे हुए हैं। स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
0
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

