मुंबई, 23 जून। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई सत्रों से जारी लगातार तेजी पर मंगलवार को ब्रेक लग गया. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली से मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सपाट स्तर पर खुले.
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स महज 8 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,086.05 के स्तर पर खुला. वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी 31.60 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की सुस्ती दिखाते हुए 24,071.30 के स्तर पर खुला. बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है, बल्कि एक मजबूत रैली के बाद बाजार का सामान्य ठहराव है.
भले ही मुख्य सूचकांकों में सुस्ती रही, लेकिन सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला. आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में रही. निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा. इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.40 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 0.29 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. कच्चे तेल की कीमतें गिरने से सीमेंट और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी क्रमश: 0.27 प्रतिशत और 0.18 प्रतिशत मजबूत हुए.
दूसरी तरफ, भारी मुनाफावसूली के दबाव में मेटल और आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.8 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.77 प्रतिशत टूटकर कारोबार कर रहे थे. निफ्टी 50 के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में इंफोसिस, हिंडालको इंडस्ट्रीज, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील और विप्रो शामिल रहे.
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.5 प्रतिशत घटकर 77.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है. कच्चे तेल का 80 डॉलर से नीचे रहना भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मुनाफे के लिए सकारात्मक है. हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में मानसून की चाल बेहद महत्वपूर्ण होगी. यदि देश में बारिश की कमी बनी रहती है, तो इससे ग्रामीण मांग और एफएमसीजी सेक्टर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
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