लखनऊ,23 जून(आरएनएस)। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 9 अन्य घायल हुए थे। पुलिस का कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जांच निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।पुलिस के अनुसार 22 जून 2026 को थाना अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया चौकी अंतर्गत सेक्टर-डी कॉलोनी में यूपीएससी भवन के पीछे स्थित भवन संख्या 02813 में भीषण आग लग गई थी। आग लगने और पूरे भवन में धुआं भर जाने से वहां रह रहे 15 छात्रों एवं अन्य व्यक्तियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए। घायलों में कुछ ऐसे भी थे जो जान बचाने के लिए भवन से नीचे कूद गए थे।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), पुलिस उपायुक्त उत्तरी, अपर पुलिस उपायुक्त उत्तरी, सहायक पुलिस आयुक्त अलीगंज सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अभियान के दौरान भवन में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां घायलों का उपचार जारी है। आग पर काबू पाने और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया गया।प्रारंभिक जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों को लेकर गंभीर सवाल सामने आने पर थाना अलीगंज में मुकदमा संख्या 115/2026 धारा 105, 110, 125 और 3(5) बीएनएस के तहत भवन स्वामी, संस्थान संचालकों तथा अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।विवेचना के दौरान घटना में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने भवन मालिक वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन एवं इंस्टीट्यूट संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, आईटी नेटवर्किंग कार्य से जुड़े सुरेश कुमार साहू तथा पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार घटना में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संभावित जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि भवन संचालन, अग्नि सुरक्षा उपायों, फायर एनओसी, विद्युत व्यवस्था और अन्य वैधानिक अनुमतियों से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। विभिन्न विभागों से तकनीकी और अभिलेखीय रिपोर्ट भी प्राप्त की जा रही हैं। घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का निर्धारण वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना देकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कमिश्नरेट पुलिस ने आश्वस्त किया है कि इस भीषण हादसे में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विवेचना जारी है और आगे प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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