नई दिल्ली,23 जून(आरएनएस)। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंड रूल्स, 2026 (विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम) को संशोधित किया है। इसमें धार्मिक श्रेणी के तहत स्वीकार्य गतिविधियों को वर्गीकृत करने के लिए एक विस्तृत ढांचा पेश किया गया है और साथ ही भारत में विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए अनुपालन आवश्कताओं को सख्त किया गया है।
यह संशोधन फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंड रूल्स, 2011 में बदवाल करता है और एक विशेष अनुसूची पेश करता है जिसमें धार्मिक उद्देश्यों के तहत पंजीकरण के लिए पात्र गतिविधियों की रूपरेखा दी गई है। सूचीबद्ध गतिविधियों में पूजा स्थलों जैसे- मंदिर, मस्जिद, चर्चा, गुरुद्वारों, मठ, सिनेगॉग और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण, नवीनीकरण और रखरखाव शामिल है।
इसके अलावा धार्मिक ग्रंथों और टीकाओं के संरक्षण, मुद्रण, अनुवाद और डिजिटलीकरण, धार्मिक दर्शन एवं इतिहास के अध्ययन से जुड़े संस्थानों को समर्थन, तथा तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, स्वच्छता और आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अनुमति दी गई है। नियमों के तहत धर्मशाला, लंगर, अन्नदान और सामुदायिक रसोई जैसी गतिविधियां भी धार्मिक उद्देश्यों के अंतर्गत मान्य होंगी।
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