कोंडागांव,25 जून (आरएनएस)। पशु चिकित्सा विभाग की तत्परता एवं चिकित्सकों की कुशल शल्य चिकित्सा से एक दुधारू गाय का जीवन बचाने में सफलता प्राप्त हुई। यह मामला विकासखंड फरसगांव के ग्राम बोरगांव का है, जहां 13 जून 2026 एक गाय में प्रसव संबंधी गंभीर समस्या (डिस्टोकिया) उत्पन्न हो गई थी।जानकारी के अनुसार गाय का सामान्य प्रसव संभव नहीं हो पा रहा था। परीक्षण के दौरान पाया गया कि गाय का योनि मार्ग संकरा था तथा गर्भस्थ बछड़े की गर्दन असामान्य रूप से मुड़ी हुई थी, जिसके कारण प्रसव पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण तत्काल सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया।शल्य चिकित्सा दल में डॉ. ढालेश्वरी, डॉ. दीपिका सिदार, डॉ. सुमन उइके एवं डी.पी. साहू (ए.वी.एफ.ओ.) शामिल थे। चिकित्सकीय टीम ने रात में 10 बजे में ही सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मृत बछड़े को बाहर निकाला तथा गाय का जीवन बचाया।ऑपरेशन के बाद गाय को आवश्यक उपचार एवं देखभाल प्रदान की गई। वर्तमान में गाय पूरी तरह स्वस्थ है तथा प्रतिदिन लगभग 6 से 7 लीटर दूध उत्पादन कर रही है। पशुपालक ने पशु चिकित्सा विभाग एवं चिकित्सकीय दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं समर्पित सेवाओं की सराहना की है।
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