बस्ती 25 जून (आरएनएस)। नगर थाना क्षेत्र के कोठवा भरतपुर निवासी मीरा देवी ने डीआईजी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीडि़ता का कहना है कि मारपीट और जानलेवा हमले की घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उल्टे आरोपी लगातार उन्हें और उनके परिवार को दोबारा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मीरा देवी के बेटे अमर और मदन का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होने नशे में सड़क पर धुत पड़े कुसरौत निवासी अभय उर्फ छोटू आदि को रास्ते से हटाने की कोशिश किया जो शराबियों को अच्छा नहीं लगा। दबंगों ने अमर और मदन को बुरी तरह से मारा पीटा और सोने की अगूंठी भी छीन लिया।पीडि़ता मीरा देवी पत्नी स्वर्गीय तपेश्वरी ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि गत 17 जून को नेउरीगाडा कुसरौत निवासी अभय उर्फ छोटू पुत्र रामजग, विजय पुत्र बलराम, अमित पुत्र विष्णु, विष्णु पुत्र राम दुलारे, कृष्णा पुत्र राम नरायन, अमर पुत्र शत्रुघ्न आदि ने रजिशन उनके पुत्र अमर को बंधक बनाकर मारा पीटा। दबंगों की पिटाई से घायल भाई मदन ने घटना की जानकारी परिवार वालों को दिया। इसके बाद घटना की सूचना तत्काल पुलिस को 112 पर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी लिया और गंभीर रूप से घायल अमर और मदन को एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मरवटिया ले जाया गया। नगर थाने की पुलिस ने न तो मेडिकल कराया न दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया। दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर चुप्पी साध लिया। पुलिस ने मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के विरुद्ध कोई कठोर कदम नहीं उठाया।पीडि़ता का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा है और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार थाना पुलिस से शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। मीरा देवी ने डीआईजी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित आरोपियों के साथ-साथ प्रशासन की भी होगी। शीघ्र न्याय न मिला तो मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाया जायेगा।
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