लखनऊ, 25 जून (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग और अनुसूचित जाति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सामाजिक न्याय के अग्रदूत और आरक्षण व्यवस्था की नींव रखने वाले राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती ‘आरक्षण दिवस : जितनी आबादी, उतना हकÓ के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने सामाजिक न्याय, जातीय जनगणना, आरक्षण और वंचित वर्गों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने कहा कि शाहूजी महाराज ने अपने समय में जाति-पाति, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करते हुए पिछड़े, दलित और वंचित समाज को शिक्षा, सम्मान और भागीदारी दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व आज भी देश के सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और हिस्सेदारी दिलाने की मांग को मजबूती से उठा रहा है।अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि देश में सामाजिक और आर्थिक समानता सुनिश्चित करने के लिए वंचित वर्गों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना को मजबूत करने के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखनी होगी।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपने संबोधन में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने अयोध्या से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना निर्णय सुनाएगी।विधायक वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि जातीय जनगणना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कर आबादी के अनुपात में आरक्षण और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सभी संस्थाओं और संसाधनों में सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी तभी समावेशी विकास संभव हो सकेगा।सीतापुर सांसद राकेश राठौर ने कहा कि सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने की आवश्यकता है और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रहना चाहिए। वहीं पूर्व सांसद रवि वर्मा ने कहा कि शाहूजी महाराज ने एक शासक होते हुए भी सामाजिक परिवर्तन का मार्ग चुना और शिक्षा तथा आरक्षण के माध्यम से वंचित समाज को आगे बढ़ाने का कार्य किया।प्रदेश ओबीसी विभाग के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि शाहूजी महाराज लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थक थे और समाज के सभी वर्गों को समान अवसर दिलाने के पक्षधर थे। उन्होंने घोषणा की कि आगामी एक माह तक प्रदेश के सभी जनपदों में बहुजन विचार विषयक गोष्ठियों और पदयात्राओं का आयोजन किया जाएगा।अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एवं बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है तथा सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र बघेल, पूर्व मंत्री मसूद, पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार, इंदल रावत, के.के. गौतम, भगवती चौधरी, सदल प्रसाद, प्रदेश सचिव आदर्श पटेल, प्रतिभा अटल पाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज के जीवन, उनके सामाजिक सुधारों, शिक्षा के प्रसार तथा पिछड़े और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने में उनके योगदान को याद करते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
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