०स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
०समन्वित कृषि एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर दिया जोर
कोण्डागांव,25 जून (आरएनएस)। नीति आयोग, भारत सरकार के जिले के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पी. नरहरि ने गुरुवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान नरहरि ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण को जिले की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए स्वास्थ्य केन्द्रों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संस्थाएं समय पर संचालित हों तथा स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से उपस्थित रहकर मरीजों, विद्यार्थियों एवं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करें। उन्होंने इन संस्थानों की प्रभावी निगरानी के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने जिले के सभी आश्रम एवं छात्रावासों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा उनके नियमित शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए।कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को समन्वित कार्य करने के निर्देश देते हुए नरहरि ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाने तथा डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों को परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए समन्वित कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।उन्होंने किसानों और खरीदारों के बीच बिचौलियों की भूमिका कम करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर नियमित बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि किसान सीधे खरीदारों से जुड़कर अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें। साथ ही जिले में उपलब्ध कृषि उत्पादन के अनुरूप खाद्य प्रसंस्करण केन्द्रों की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने को भी कहा। नरहरि ने महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए ग्राम उद्योगों की स्थापना के लिए प्रोत्साहित करने तथा स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोडऩे के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र अब माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो चुका है। ऐसे में जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं का लाभ उठाते हुए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करें, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।बैठक में कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत जिले की प्रगति, विभिन्न विकास कार्यों तथा जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम अजय उरांव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।
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