विकासनगर 25 जून (आरएनएस)। जितेंद्र पंवार कालसी तहसील के खत अठगांव स्थित टिपऊ गांव में गुरुवार को आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। चूड़धार में 12 वर्षों के अंतराल पर होने वाले शाही स्नान के बाद गुरुवार को गांव के आराध्य देव शिरगुल बिजट महाराज के देव चिन्हों को विधिवत मंत्रोच्चार के साथ नवनिर्मित मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित किया गया।चूड़धार में शाही स्नान के उपरांत देवता के चिन्हों के साथ ग्रामीण पजिटीलानी पहुंचे। जहां रात्री विश्राम किया गया। गुरुवार को शिरगुल बिजट महाराज मंदिर टिपऊ से देव पालकीयां पजिटीलानी पहुंची। साथ ही टिपऊ गांव की महिलाएं भी पारंपरिक वेषभूषा में फूल मालाओं सहित पजिटीलानी पहुंची। पजिटीलानी स्टेडियम में क्षेत्र के सैंकड़ों श्रद्धालु शिरगुल बिजट महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे। दोपहर बाद देव पालकियों सहित ग्रामीणों ने टिपऊ गांव के लिए पद यात्रा की। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए करीब साढ़े तीन बजे देव पालकीयां टिपऊ गांव पहुंची। देवता के मंदिर परिसर में पहुंचते ही पूरा क्षेत्र देव-उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के बीच श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचते नजर आए। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर टिपऊ गांव की बेटियों (विवाहित और अविवाहित) ने भक्ति का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए बिजट महाराज की देव पालकी के लिए सोने से निर्मित छत्र भेंट किया। मंदिर प्रांगण में ग्रामवासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होकर जागड़ा किया और पारंपरिक नृत्य के जरिए अपनी खुशी का इज़हार किया। गांव की महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ देव पालकियों की आरती उतारी और उन्हें धूप-दीप देकर पूजा अर्चना की। इसके पश्चात देव पुजारी ने मंत्रोच्चार के साथ देव चिन्हों को नवनिर्मित मंदिर के गर्भ गृह में प्रतिष्ठित किया। मौके पर श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें दूर-दराज के क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश से आए हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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