नईदिल्ली,27 जून। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियां भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं। अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने मिलकर इस सेक्टर में करीब 57 अरब डॉलर (लगभग 5,400 अरब रुपये) निवेश करने का वादा किया है। हाल ही में अमेजन ने 2030 तक भारत में एआई और क्लाउड सेवाओं के विस्तार के लिए 13 अरब डॉलर और निवेश का ऐलान किया। इससे कंपनी का कुल निवेश 21 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा।
अमेजन ने बताया कि नया निवेश मुंबई और हैदराबाद में एडब्ल्यूएस डाटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने पर खर्च होगा। इससे स्टार्टअप, बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों को एआई चिप्स, क्लाउड सेवाएं और डेवलपर टूल्स आसानी से मिल सकेंगे। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट ने 2029 तक भारत में 17.5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की थी। वहीं गूगल भी विशाखापत्तनम में बड़ा एआई हब बनाने के लिए 15 अरब डॉलर निवेश कर रहा है और कई नई सुविधाएं विकसित करेगा।
कंपनियों का मानना है कि भारत में मजबूत इंजीनियरिंग प्रतिभा, तेजी से बढ़ती डिजिटल पहुंच और एआई अपनाने की रफ्तार इसे बड़ा बाजार बना रही है। अमेजन के सीईओ एंडी जेस्सी और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि भारत भविष्य में एआई विकास का अहम केंद्र बनेगा। माइक्रोसॉफ्ट हैदराबाद, चेन्नई और पुणे में अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का भी लगातार विस्तार करने की तैयारी कर रहा है और नई तकनीकों पर लगातार काम करेगा।
केंद्र सरकार एआई और डाटा सेंटर निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू कर रही है। बजट में विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए टैक्स राहत का प्रस्ताव दिया गया है। मेटा ने भी भारत में एआई डाटा सेंटर के लिए रिलायंस के साथ साझेदारी की है। हालांकि, आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा का मानना है कि एआई पर हो रहा भारी खर्च भविष्य में सभी कंपनियों के लिए लाभदायक साबित होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।
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