रायपुर,27 जून (आरएनएस)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर को लेकर जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। शिविर में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर प्रभावी ढंग से आवाज उठाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
दीपक बैज ने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा सकें। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल संगठनात्मक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी मंथन किया जा रहा है।
बैज ने कहा कि कांग्रेस अभी से विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुट गई है। उन्होंने कहा, हमारे जिलाध्यक्ष प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने क्षेत्र में जाएंगे और अर्जुन की तरह लक्ष्य साधकर कौरव सेना का मुकाबला करेंगे। हमारा लक्ष्य मछली की आंख है और भाजपा के छल-प्रपंच से प्रदेशवासियों को दूर करना है।
प्रशिक्षण शिविर को लेकर मंत्री रामविचार नेताम की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बैज ने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा की ट्रेनिंग देती है, गोडसे की विचारधारा की नहीं। उन्होंने कहा कि यदि रामविचार नेताम कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में एक घंटे भी बैठ जाएं तो वे मंत्री पद और भाजपा दोनों छोड़ देंगे।
चंदखुरी में भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा स्थापित नहीं होने के मामले पर बैज ने भाजपा पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
यूसीसी को लेकर बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत आदिवासी आबादी है और पेसा कानून तथा पांचवीं अनुसूची को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यूसीसी क्या वास्तव में आदिवासियों के हित में है।
सक्ती गोलीकांड को लेकर बैज ने कहा कि कांग्रेस ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो पीडि़त परिवार से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेगी। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रही है।
खाद संकट और टोकन सिस्टम हटाने के मुद्दे पर बैज ने कहा कि किसानों और कांग्रेस के दबाव के कारण सरकार को नियम बदलना पड़ा, लेकिन केवल टोकन हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खाद की कमी के कारण कोई किसान आत्महत्या करता है तो इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
०००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

