०छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन
सुकमा,26 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग द्वारा गौण खनिज नियमों में बड़ा संशोधन किया गया है, जिसकी अधिसूचना कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी कर दी गई है। इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य पूरे प्रदेश के सभी जिलों में अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के मामलों में प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई में एकरूपता लाना है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में दर्ज एक जनहित याचिका में पारित निर्णय के आलोक में गठित राज्य स्तरीय समिति के सुझावों के आधार पर यह कड़ा कदम उठाया गया है।
इस नए नियम के तहत अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए न्यूनतम समझौता (प्रशमन) राशि अब किसी भी स्थिति में 25,000 रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में पकड़े जाने पर प्रति टन 2,000 रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा और साथ ही खनिज का वास्तविक मूल्य भी अतिरिक्त रूप से वसूल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई वाहन 35 टन अवैध खनिज ले जाते पकड़ा जाता है, तो उसे 70,000 रुपये समझौता शुल्क और 35 टन खनिज का मूल्य चुकाना होगा। इसी प्रकार, ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर 25,000 रुपये जुर्माना और 5 टन रेत की कीमत देय होगी।
प्रशासन ने वाहनों और मशीनों को बार-बार अवैध कार्यों में लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए भी सख्त घेराबंदी की है। अब जप्त किए गए वाहन, मशीन या खनिज को सक्षम न्यायालय से अंतरिम सुपुर्दगी (क्रद्गद्यद्गड्डह्यद्ग) पर लेने से पहले वाहन के प्रकार के आधार पर 50,000 रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की जमानत राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा करानी अनिवार्य होगी। इसके अलावा, सरकारी निर्माण कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र (माइनिंग परमिट) का दायरा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर और उसकी अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है।
राजस्व बढ़ाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास 2025Ó की स्थापना की गई है, जिसमें गौण खनिज पट्टों की कुल रॉयल्टी का 2 प्रतिशत जमा किया जाएगा, जिससे प्रतिवर्ष करीब 5.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड प्राप्त होगा। साथ ही, पिछले 30 वर्षों से अपरिवर्तित खदानों के ‘डेड रेंटÓ (अनिवार्य भाटक) में भी बढ़ोतरी की गई है ताकि निष्क्रिय पड़ी खदानों को या तो चालू किया जा सके या उन्हें सरेंडर कराकर नए सिरे से ऑक्शन में लाया जा सके। प्रभारी खनिज अधिकारी, जिला सुकमा द्वारा जनसंपर्क विभाग को इस संबंध में विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थानीय समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
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