0 पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा जगदलपुर में विशेष संवाद कार्यशाला ‘वार्तालापÓ का आयोजन
0 विगत 12 वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की कल्याणकारी नीतियों से नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है बस्तर
0 बस्तर के आदिवासियों के सामाजिक उत्थान, सुरक्षा और सतत विकास के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: सांसद महेश कश्यप, बस्तर
रायपुर, 27 जून (आरएनएस)। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर द्वारा आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में ‘वार्तालापÓ नामक एक विशेष मीडिया संवाद कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वषर्: नक्सलवाद से विकास और विश्वास की ओर बढ़ता बस्तर के मुख्य विषय पर केंद्रित यह कार्यशाला क्षेत्र में हुए परिवर्तनकारी सामाजिक-आर्थिक बदलावों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। इस संगोष्ठी में विस्तार से बताया गया कि कैसे पिछले 12 वर्षों की लक्षित कल्याणकारी नीतियों ने बस्तर को वामपंथी उग्रवाद के साए से सफलतापूर्वक बाहर निकाला है और इसे विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा जन-विश्वास की एक नई प्रगतिशील राह पर अग्रसर किया है।
कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और उपलब्धियों का एक व्यापक लेखा-जोखा साझा किया। उन्होंने रेखांकित किया कि बस्तर जैसे सुदूर क्षेत्रों के सतत परिवर्तन के लिए शिक्षा और विकास दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बने हुए हैं। मंत्री ने कहा कि सुशासन की संकल्पना तब तक अधूरी है जब तक कि शिक्षा का प्रकाश बस्तर के सुदूर कोनों तक नहीं पहुंच जाता और हर नागरिक विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ जाता। उन्होंने उल्लेख किया कि दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से, सरकार लाखों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सफल रही है, विशेष रूप से उन लोगों के जो ऐतिहासिक रूप से वंचित और पिछड़े क्षेत्रों में रह रहे हैं।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सांख्यिकीय मील के पत्थरों को प्रस्तुत करते हुए, मंत्री साहू ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे इन पहलों ने देश और बस्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को समान रूप से पुनर्जीवित किया है। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए, 58 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं, जिससे बैंकिंग सेवाओं से वंचित आबादी को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा गया है। मुद्रा योजना के तहत, जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 57 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (स्ष्ट/स्ञ्ज) श्रेणियों के 15 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमियों को सीधे तौर पर मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत, मुफ्त राशन वितरण के माध्यम से 81 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, जिसने 25 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंत्री ने बुनियादी ढांचे और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला और नोट किया कि गरीबों के लिए पक्के मकान के सपने को पूरा करने के लिए 4 करोड़ से अधिक ग्रामीण और शहरी आवासों का निर्माण किया गया है। उज्ज्वला योजना ने 11 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाया है, जबकि 5 लाख से अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ह्रष्ठस्न) घोषित किया जा चुका है और वहां बुनियादी सुविधाएं संतृप्त की गई हैं। सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में, सशस्त्र बलों में परमानेंट कमीशन और नौकरियों के समान अवसर देकर रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसे प्रमुख सामाजिक सुरक्षा नेट ने 7 करोड़ से अधिक गरीब लोगों को सीधा बीमा कवर प्रदान किया है।
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