सुकमा,27 जून (आरएनएस)। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी ने जिले के विभिन्न स्कूलों और बालक आश्रमों का सघन निरीक्षण किया। 16 जून से शुरू हुए ‘शाला प्रवेश उत्सवÓ के मद्देनजर, 25 जून 2026 को किए गए इस औचक निरीक्षण में प्राथमिक शाला निरगुण्डी, नीलावरम, कोण्डरे, मानकापाल, गुफड़ी, मुतोड़ी, गोंदपल्ली, पेसलपारा, डोकापारा और ऐटपाल सहित दर्जनों स्कूलों की जमीनी हकीकत परखी गई। निरीक्षण के दौरान डीईओ ने छात्र-शिक्षकों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें कुछ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई, तो कहीं शिक्षक संकुल भ्रमण पर मिले।
शैक्षणिक गुणवत्ता और दैनिक व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने ‘विद्या समीक्षा ऐप में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यपुस्तक व गणवेश वितरण, और नियमित मध्यान्ह भोजन के साथ-साथ ‘न्योता भोज के सुचारू संचालन की बात कही। इसके अलावा, पाठ्यक्रम विभाजन, चखना पंजी, और डेली डायरी को अपडेट रखने के साथ ही निर्धारित समय पर प्रतिदिवस की 5 प्रार्थनाएं, भोजन मंत्र, तथा संध्या के समय राज्यगीत व मंत्रों का वाचन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार: अभिभावकों से भावुक अपील
निरीक्षण के दौरान डीईओ मंडावी ने शिक्षा को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व विकास का केंद्र है। उन्होंने अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों से सामूहिक जिम्मेदारी उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने शिक्षकों को स्कूलों में सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण तैयार करने को कहा ताकि बच्चे उत्साह के साथ स्कूल आएं और एक समृद्ध समाज का निर्माण हो सके।
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