सुकमा 27 जून (आरएनएस) कभी घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले दरभागुड़ गांव में शनिवार शाम उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब प्रदेश के मंत्री केदार कश्यप अचानक गांव पहुंच गए। अंधेरा होने के बावजूद सड़क किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को देखकर मंत्री ने अपना काफिला रुकवाया और लोगों से सीधे संवाद किया। हाल ही में ग्रामसभा द्वारा पादरियों एवं धर्मांतरण गतिविधियों के विरोध में प्रवेश निषेध संबंधी प्रस्ताव पारित किए जाने पर मंत्री ने ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा के संवैधानिक अधिकारों के तहत लिए गए निर्णयों का सम्मान होना चाहिए और सामाजिक एकजुटता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
विकास कार्यो की दी स्वीकृति
मंत्री श्री कश्यप ने ग्रामीणों का हौसला बढ़ाते हुए गांव के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान समाजसेवी पी. विजय भी मौजूद रहे। उन्होंने भी ग्रामीणों से चर्चा कर सामाजिक समरसता और गांव के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी। मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए मंत्री केदार कश्यप ने दो पुलियों तथा एक बोरवेल की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मंत्री की इस घोषणा पर ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
सकारात्मक बदलाव का संकेत
दरभागुड़ कभी नक्सल गतिविधियों के कारण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहुंच से दूर माना जाता था। ऐसे गांव में मंत्री का पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करना और विकास कार्यों की स्वीकृति देना क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे विकास और सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

