रायपुर 27 जून (आरएनएस) समाज सेवा की असली पहचान मंचों पर नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखती है। इसी भावना का सशक्त उदाहरण शनिवार शाम उस समय देखने को मिला, जब पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. बुधरी ताती ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान जनजातीय समाज के विकास, लोक संस्कृति के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जैसे अहम विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. बुधरी ताती के चार दशक से अधिक लंबे सामाजिक जीवन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम किया है। दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने जिस समर्पण के साथ जनजातीय संस्कृति को सहेजने और सैकड़ों महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने का कार्य किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती का जीवन सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व हमारी समृद्ध जनजातीय विरासत और लोक परंपराओं के मजबूत प्रहरी हैं, जिनसे नई पीढ़ी को समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर डॉ. बुधरी ताती ने भी जनजातीय समाज के विकास, लोक संस्कृति के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मुलाकात के दौरान उनके परिजन भी मौजूद रहे। यह भेंट केवल औपचारिक नहीं, बल्कि समाज सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर सामने आई।

