रायपुर 30 जून 2026(आरएनएस)अगर आपने अपना मकान किसी अनजान व्यक्ति को किराए पर दिया है और उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया है, तो अब सावधान हो जाइए। छत्तीसगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा साइबर व अन्य अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए किराएदार सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और बेहद आसान बना दिया है। अब मकान मालिक ‘समाधान (Samadhaan – CG Police) ऐप’ और सीसीटीएनएस नागरिक सेवा पोर्टल के जरिए घर बैठे कुछ ही मिनटों में किराएदार का पुलिस सत्यापन करा सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक, अब मकान मालिक को थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से Samadhaan – CG Police App डाउनलोड करना होगा या नागरिक सेवा पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीयन करना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद लॉग-इन कर ‘Tenant Verification’ सेवा का चयन करना होगा। इसके बाद मकान मालिक और किराएदार की पूरी जानकारी, किराए पर दिए गए मकान का पता, किराएदार का स्थायी पता, मोबाइल नंबर, व्यवसाय और दो स्थानीय संदर्भों की जानकारी दर्ज करनी होगी।
आवेदन के साथ मकान मालिक का पहचान एवं पते का प्रमाण, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, किराएदार का आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा दोनों पक्षों के बीच हुआ रेंट एग्रीमेंट भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। सभी जानकारियां भरने के बाद आवेदन सबमिट करते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर (Acknowledgement Receipt) जारी होगा, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना होगा।
आवेदन जमा होते ही पूरा विवरण संबंधित थाना और बीट प्रभारी के पास डिजिटल माध्यम से पहुंच जाएगा। इसके बाद पुलिस किराएदार का आपराधिक रिकॉर्ड, बैकग्राउंड और अन्य आवश्यक जानकारियों की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन भी करेगी।
छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि किराएदार सत्यापन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मकान मालिक और समाज दोनों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। बिना पुलिस सत्यापन के किसी अनजान व्यक्ति को किराए पर रखना भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। यदि किराएदार किसी अपराध या अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो मकान मालिक भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
गौरतलब है कि बदलते दौर में अपराधी अक्सर फर्जी पहचान के सहारे किराए के मकानों में शरण लेते हैं। ऐसे में एक छोटी-सी ऑनलाइन प्रक्रिया न केवल आपकी संपत्ति और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि आपको कानूनी जोखिमों से भी बचाती है।

