0 नए टैरिफ का असर घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं पर
रायपुर, 30 जून (रायपुर)। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को इस बार जून माह की खपत का बिल पहले की तुलना में अधिक चुकाना पड़ सकता है। बिजली वितरण कंपनी ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज को बढ़ाकर 11.23 प्रतिशत कर दिया है। पिछले महीने यह शुल्क 9.13 प्रतिशत था। यानी इस बार उपभोक्ताओं को लगभग 2 प्रतिशत अतिरिक्त राशि का भुगतान करना होगा।
अगले महीने नए टैरिफ का भी पड़ेगा असर
जुलाई की खपत का बिल अगस्त में जारी होगा और उसमें नए बिजली टैरिफ का प्रभाव भी दिखाई देगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को लगातार दूसरे महीने महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। बढ़े हुए सरचार्ज और नए टैरिफ का संयुक्त असर घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
हर महीने बदल रहा अतिरिक्त सरचार्ज
राज्य में बिजली खरीद की लागत के आधार पर सरचार्ज हर महीने तय किया जा रहा है। वर्ष की शुरुआत में जनवरी के बिल में यह शुल्क 13.64 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इसके बाद मार्च, अप्रैल और मई में इसमें कमी दर्ज की गई, लेकिन गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढऩे के कारण जून में यह फिर बढ़कर 9.13 प्रतिशत हो गया। अब इसे बढ़ाकर 11.23 प्रतिशत कर दिया गया है।
महंगी बिजली खरीदना बना मुख्य कारण
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार प्रदेश में रिकॉर्ड बिजली मांग के चलते बाहरी स्रोतों से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी। वहीं कोरबा के 210-210 मेगावाट क्षमता वाले उत्पादन संयंत्रों के लंबे समय तक बंद रहने से स्थानीय उत्पादन भी प्रभावित हुआ। इससे बिजली उत्पादन लागत बढ़ी और उसका असर एफएफपीएएस शुल्क पर पड़ा।
भीषण गर्मी के दौरान प्रदेश में बिजली की मांग करीब 7 हजार मेगावाट तक पहुंच गई थी। मांग पूरी करने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदना अनिवार्य हो गया, जिससे बिजली कंपनियों का खर्च बढ़ा। यही वजह है कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में एफएफपीएएस के रूप में अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जा रहा है।
एसएस
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