नई दिल्ली 30 June (Rns) । थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि अगर भविष्य के आकलन से पता चलता है कि अग्निवीरों को लंबे समय तक सेवा में बनाए रखने से रक्षा बलों को मदद मिल सकती है, तो इस योजना में उचित बदलावों पर विचार किया जा सकता है।
जनरल द्विवेदी ने अग्निपथ योजना को मानव संसाधन में बड़ा सुधार बताया है, जिसका मकसद युवा, फिट और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाना है।
चीन के साथ संबंधों को लेकर जनरल द्विवेदी ने कहा कि गलतफहमियों को रोकने और सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच हर साल 1100 से ज़्यादा बार बातचीत होती है।
अग्निपथ योजना के तहत सेना चार साल के लिए सैनिकों को भर्ती करती है, जिसके बाद उनमें से 25 प्रतिशत को सेवा में बनाए रखा जाता है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को दूसरी नौकरियां करने के लिए सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों में अग्निवीरों के लिए कई पद आरक्षित किए गए हैं

