रांची 30 जून (आरएनएस)। सदर अस्पताल, रांची में पिछले एक वर्ष के दौरान दो या उससे अधिक बार रक्तदान अथवा एसडीपी दान करने वाले स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सम्मान में फीलिंसिटेशन प्रोग्राम फॉर वालंटिरी ब्लड डोनर्स का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 41 नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार,ष्ठक्रष्ट॥ह्र डॉ असीम मांझी, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ रंजू सिन्हा, रूह्र डॉ पर्ल मिंज राज्य स्तर से सहायक निदेशक, राज्य रक्त संक्रमण परिषद जूली नीता सोके एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बनता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की। साथ ही कहा की एक स्वस्थ पुरुष हर 3 महीने (90 दिन) में और महिलाएं हर 4 महीने (120 दिन) में सुरक्षित रूप से रक्तदानकर सकती हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। वही ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ रंजू सिन्हा ने बताया कि 18 से 65 वर्ष के बीच का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति, जिसका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, रक्तदान कर सकता है। आप अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या किसी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान कर सकते हैं। सहायक निदेशक, राज्य रक्त संक्रमण परिषद (स्क्चञ्जष्ट), जूली नीता सोके ने सभी सम्मानित रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित किया द्यआपके द्वारा दान किया गया एक यूनिट रक्त किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिला, थैलेसीमिया मरीज या कैंसर पीडि़त की जान बचा सकता है।
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