गुवाहाटी/ईटानगर,30 जून(आरएनएस)।। अरुणाचल प्रदेश और असम में लगातार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात कर दिए हैं। अरुणाचल प्रदेश के 12 जिले बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं। यहां वायुसेना राहत और बचाव कार्य में जुटी है। वहीं, असम के 5 जिलों में लगभग 45,000 लोग प्रभावित हुए हैं। हालात को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन कर बात की है और पर्याप्त मदद का आश्वासन दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई है। 24 जून को केयी पान्योर जिले में 5 लोग बह गए थे। इनमें से 3 के शव बरामद कर लिए गए, जबकि 2 लापता हैं। कम से कम 10 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। बीते दिन धेमाजी में भारी बारिश के बाद जोनाई के निचले इलाकों और गांवों में पानी भर गया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में बाढ़ की स्थिति की ऑनलाइन समीक्षा की है।
बारिश की वजह से रोइंग-अनिनी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और कई जगहों पर पुल बह गए हैं। पूर्वी सियांग में सड़क टूटने से यागरुंग, टेकांग और सिबुत गांव का संपर्क पासीघाट से कट गया। रुकसिन के लेडुम और कोरंग गांव में बादल फटने से 3 घर डूब गए और 11 को नुकसान पहुंचा। यहां रेमा पुल ढह गया जबकि बोकरंग पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। लोअर दिबांग वैली में सिसिरी नदी पर फंसे 4 लोगों को वायुसेना ने निकाला है।
असम का धेमाजी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहा 41,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और नलबाड़ी जिले भी बाढ़ की चपेट में हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, कुल 257 गांव पानी में डूबे हुए हैं और पूरे असम में 4,278.52 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से 76,161 पालतू जानवर भी प्रभावित हुए हैं। धेमाजी के जोनाई में एक व्यक्ति पानी में बह गया है।
असम के धामाजी जिले में सिमेन नदी पर बना पुल ढह गया है, जिसके चलते रेल यातायात रोका गया है। इसके बाद तिनसुकिया डिवीजन के तहत मुर्कोंगसेलेक और शिलापाथर के बीच ट्रेन सेवाएं बंद की गई हैं। फिलहाल इस मार्ग पर ट्रेनें शिलापाथर स्टेशन से ही चलेंगी और वहीं तक आएंगी। जोनाई में केमी नदी पर बना 300 मीटर लंबा पुल बह गया है। इससे केमी-पुराना जेलोम इलाके और जोनाई सदर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, धेमाजी में जोनाई के पास कई गांवों में पानी अचानक बढऩे से यह स्थिति पैदा हुई है। मेरी टीम मौके पर मौजूद है और अभी हमारे लोगों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इससे लोगों की आजीविका को भारी नुकसान पहुंचा है। हम प्रभावित लोगों के लिए एक व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम पर काम कर रहे हैं। असम सरकार आपदा का सामना कर रहे हर व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है।
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