दुर्ग, 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल सातवीं वाहिनी, भिलाई परिसर में बुधवार को एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) संभाग दुर्ग द्वारा बाढ़, अग्निकांड और सिविल डिफेंस से संबंधित विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपदा के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल सातवीं वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट, कंपनी कमांडेंट एवं कार्यालयीन स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान जिला सेनानी दुर्ग नागेंद्र सिंह तथा एसडीआरएफ दुर्ग के जवानों ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण के दौरान बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने, नदी में डूबे व्यक्ति के शव की डीप डाइविंग के माध्यम से तलाश, रेस्क्यू के दौरान मोटर बोट पलटने की स्थिति में बचाव कार्य, डूबे व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर प्राथमिक उपचार प्रदान करने तथा आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 100 से 120 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए, जिन्हें आपदा प्रबंधन से संबंधित सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और सामुदायिक सहयोग के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।
एसडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करना, बचाव दलों की दक्षता बढ़ाना और आपात परिस्थितियों में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
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