भिलाई/दुर्ग, 01 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छमुमो) ने 1 जुलाई शहीद दिवस के अवसर पर भिलाई में विशाल रैली और सभा आयोजित कर 17 शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान श्रमिकों ने शंकर गुहा नियोगी हत्याकांड की दोबारा जांच, श्रम कानूनों के पालन और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत छमुमो के श्रमिक और समर्थक सुबह पावर हाउस स्थित छावनी मैदान में एकत्र हुए। यहां से शहीद परिवारों के साथ भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन स्थित गोलीकांड स्थल पहुंचकर शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद लाल-हरे परिधान और झंडे-बैनरों के साथ निकाली गई रैली छावनी चौक होते हुए एसीसी चौक पहुंची, जहां आमसभा आयोजित की गई।
सभा से पहले शहीद शंकर गुहा नियोगी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। सभा को भीमराव बागड़े, जनकलाल ठाकुर, बृजेन्द्र तिवारी, सुकलाल साहू, कलादास डहरिया, सोमनाथ उइके, भुवन साहू, सुशांत कुमार, जयप्रकाश नाय, मनोज कोसरे और गैद सिंह ठाकुर सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि 1 जुलाई को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे मजदूरों पर उद्योगपतियों और तत्कालीन सरकार की मिलीभगत से पुलिस फायरिंग कराई गई थी, जिसमें 17 मजदूर शहीद हुए थे। उन्होंने संकल्प लिया कि श्रमिकों के अधिकारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
सभा में शंकर गुहा नियोगी की हत्या की दोबारा जांच कराने, केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों को वापस लेने तथा श्रम निरीक्षकों को पूर्व की तरह कंपनियों की नियमित जांच के अधिकार देने की मांग की गई।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने आरोप लगाया कि भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिकों से एक ठेकेदार द्वारा हर महीने 5 से 6 हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। इस मामले में केंद्रीय उपश्रमायुक्त और पुलिस को शिकायत देने तथा संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग भी की गई।
सभा में कुम्हारी ऑक्सीजन कंपनी के श्रमिकों को सुप्रीम कोर्ट से मिले न्याय का उल्लेख करते हुए कहा गया कि अन्य श्रमिकों को भी न्यायपालिका से न्याय मिलने की उम्मीद है। वहीं एसीसी प्रबंधन पर मजदूरों के बीच वेतन असमानता पैदा करने का आरोप लगाते हुए सीमेंट वेज बोर्ड लागू कराने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया। सभा का संचालन तुलसी देवदास, रमाकांत बंजारे और पूनाराम साहू ने किया, जबकि जनगीतों की प्रस्तुति भगवंतीन बाई कुरें, कलादास डहरिया और दल्लीराजहरा के नवा अंजोर दल ने दी।
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