विजयवर्गीय के पत्र से मचा सियासी भूचाल, बोले- इंदौर के साथ हुआ असहयोग, फिर दी सफाई
Indore 01 jully ( Rns)/- : मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा गया एक बेहद तल्ख पत्र सामने आया। 20 जून को लिखे इस पत्र में विजयवर्गीय ने इंदौर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि पिछले ढाई साल से उन्हें लगातार “असहयोग, उपेक्षा और विरोध” का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि यदि इंदौर के इन गंभीर मुद्दों का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो जनता के हितों के लिए अपनी आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी मजबूरी बन जाएगा।
लगातार उपेक्षा और बिना मर्जी तबादलों का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कैलाश विजयवर्गीय ने अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि प्रदेश के मुखिया और इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते उन्हें सरकार से पूरा सहयोग मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके विपरीत उन्हें हर स्तर पर उपेक्षा ही हाथ लगी। उन्होंने एक बड़ा आरोप यह भी लगाया कि उनके खुद के विभाग से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण (तबादले) भी कई बार उनकी जानकारी के बिना ही कर दिए जाते हैं। उन्होंने साफ किया कि इंदौर के विकास की गति तेज करना तो दूर, वर्तमान परिस्थितियों में शहर को उसका न्यायोचित हक भी नहीं मिल पा रहा है।

