बरहमपुर,01 जुलाई(आरएनएस)। ओडिशा के गंजम जिले में बरहमपुर में नाबालिग भांजी की जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम बताते हुए मामा को मौत की सजा सुनायी.
बरहमपुर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट पॉक्सो कोर्ट ने 2022 में गंजम जिले के बरहमपुर शहर में अपनी भांजी को जलाकर मारने के मामले में मामा को मौत की सजा सुनाई है. 25 अप्रैल, 2022 को बरहमपुर शहर के भैद्यनाथपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आग लगने से एक 13 साल की नाबालिग लड़की की मौत हो गई.
पुलिस ने घटना की जांच की और मृतक नाबालिग के मामा को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार मामा पर अपनी 13 साल की भांजी पर बुरी नजर रखने का भी आरोप था और उसने नाबालिग लड़की पर केरोसिन डालकर उसे आग लगा दी.
इस बारे में बरहमपुर शहर के बैद्यनाथपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था. पुलिस ऑफिसर मीनाक्षी डालाबेहेरा ने अलग-अलग एंगल से घटना की जांच की और कुल 13 लोगों की गवाही के आधार पर चार्जशीट फाइल की. कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई. गवाहों के बयान दर्ज किए गए. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (एडहॉक) रोहित लाल पांडा ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई.
स्पेशल पीपी डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा इस केस को हैंडल कर रहे थे. कोर्ट के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जज रोहित लाल पांडा ने केस की सुनवाई की और 65 साल के आरोपी को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई.
जानकारी के मुताबिक दोषी ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की थी. उसे इस केस में गिरफ्तार किया गया था और वह फूलबनी जेल में बंद था. हालांकि, कोर्ट की इजाजत से वह कुछ दिनों के लिए पैरोल पर आया और बरहमपुर में अपनी बहन के घर पर इस तरह का जुर्म किया. उस केस के बाद से वह बरहमपुर जेल में अंडरट्रायल कैदी के तौर पर बंद था.
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