बैहर 2 जुलाई (आरएनएस)। जिले में संचालित ‘डायरिया रोको अभियानÓ के अंतर्गत बच्चों एवं ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बैहर के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में बैहर जनपद की 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट (स्नञ्ज्य) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके एवं सहायक यंत्री श्री सत्यम पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण के दौरान पीएचई विभाग के बैहर उपखंड के केमिस्ट कृष्णकांत मेश्राम एवं फनीश रंगारे ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट का उपयोग कर पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांचने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के हैंडपंप, कुएं एवं नल-जल योजनाओं के जल स्रोतों से नमूने लेकर मौके पर ही पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकती हैं। प्रशिक्षण में पानी में फ्लोराइड, आयरन, नाइट्रेट, क्लोराइड तथा पीएच (श्च॥) की जांच की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।
परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता न केवल जल स्रोतों की नियमित जांच करेंगी, बल्कि ग्रामीणों को उबला एवं स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजनित रोगों से बचाव के प्रति भी जागरूक करेंगी।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने सेवा क्षेत्रों में जल स्रोतों का सर्वेक्षण एवं परीक्षण करेंगी। यदि किसी जल स्रोत का पानी दूषित पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल पीएचई विभाग को दी जाएगी, ताकि समय रहते क्लोरीनेशन सहित आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से बैहर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से हरीश झा, शीतल मिश्रा (पीएमयू समन्वयक), रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती सोमवती मानकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

