किन्नौर,03 जुलाई(आरएनएस)। हिमाचल प्रदेश मानसून की एंट्री के साथ कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बारिश से चोलिंग में फ्लैश फ्लड आ गया. किन्नौर के चोलिंग में बादल फटने से लोगों में दहशत का मौहल है. पहाड़ी पर भारी बारिश के कारण मीरु नाले में भारी मलबा आ गया, जिसके चलते एनएच-5 पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया. बाढ़ की चपेट में वाहन भी आए हैं.
प्रशासन की टीम ने 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अवरुद्ध मार्ग को अस्थाई तौर पर बहाल कर दिया है. किन्नौर पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने का कार्य करने में जुटी हुई है. मार्ग अस्थाई बहाल होने पर स्थानीय लोगों और सैलानियों ने राहत की सांस ली है.
मानसून की दस्तक के साथ ही किन्नौर जिले में भारी बारिश का कहर जारी है. किन्नौर के चोलिंग में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे फ्लैश फ्लड आ गया. बाढ़ आने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग- 5 चोलिंग स्कूल के पास बाधित हो गया. बाढ़ से लगभग 30 मीटर सड़क मार्ग पर मलबा भर गया है. पहाडिय़ों से अधिक बारिश के कारण मीरु नाला में भारी मलबा आ गया. चोलिंग से आगे करछम की ओर असुरक्षित स्कूल भवन के पास मलबा आने से लोग सहमे हुए हैं. बाढ़ की चपेट में दो छोटे वाहन भी आए हैं. राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी प्रकार का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है.
वहीं, काजा-किन्नौर-शिमला को जोडऩे वाला नेशनल हाईवे बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं. प्रशासन के अनुसार सड़क मार्ग बहाल होने में करीब पांच घंटे का समय लग सकता है. किन्नौर प्रशासन को सूचना मिलते ही पुलिस एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गई है. वहीं, जिला किन्नौर के रिब्बा गांव में भी बाढ़ आ गई है.
किन्नौर प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि नदी-नालों और जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं. इसके अलावा अनावश्यक यात्रा और ट्रैकिंग से बचने की भी अपील की गई है. पहाड़ी एवं भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके. किसी भी तरह की आपदा होने पर आपदा प्रबंधन दल या जिला प्रशासन किन्नौर को सूचित करें.
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