0-अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हमलों की निंदा, वेनेजुएला में भारतीय नाविक के शव से अंग गायब होने के मामले में जांच की मांग
नई दिल्ली,03 जुलाई(आरएनएस)। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में सिंधु जल संधि, अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई, वेनेजुएला में भारतीय नाविक की संदिग्ध मौत तथा तीस्ता नदी परियोजना जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद जारी रहने तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी और भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
आतंकवाद बंद करे पाकिस्तान, तभी बहाल होगी सिंधु संधि
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण यह संधि फिलहाल स्थगित है।
उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान इस संधि की बहाली चाहता है तो उसे आतंकवाद के समर्थन को स्पष्ट, विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त करना होगा।
हाल ही में पाकिस्तान के एक मंत्री ने बयान दिया था कि यदि किसी ने सिंधु नदी का पानी रोकने की कोशिश की तो उसके “हाथ काट दिए जाएंगे।” भारत ने इस बयान पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए अपना पूर्व निर्धारित रुख दोहराया।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हमलों की कड़ी निंदा
विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की भी निंदा की। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि नई दिल्ली अफगान जनता को मानवीय और विकासात्मक सहायता देना जारी रखेगी।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत दवाइयों, राहत सामग्री और विकास परियोजनाओं के माध्यम से अफगानिस्तान के लोगों की सहायता कर रहा है और यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा।
वेनेजुएला में भारतीय नाविक के मामले में जांच की मांग
वेनेजुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की मृत्यु के बाद उनके शव से कई अंग गायब होने के आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
मंत्रालय ने बताया कि भारत ने यह मामला वेनेजुएला सरकार के समक्ष उठाया है और पूरे घटनाक्रम की तत्काल एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जांच की प्रगति से परिजनों और देश को अवगत कराया जाएगा।
तीस्ता परियोजना पर भी दोहराया भारत का पक्ष
बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता नदी परियोजना को लेकर हुए समझौते पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में भारत की विकास परियोजनाएं दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से तय रोडमैप के आधार पर संचालित होती हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि तीस्ता परियोजना पर भारत अपना पक्ष पहले ही बांग्लादेश के समक्ष रख चुका है और इस विषय से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत का स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति, पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। साथ ही सरकार ने संकेत दिया कि बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक हालात के अनुरूप भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
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