0-गुजरात और मध्य प्रदेश में छापेमारी, आतंकी नेटवर्क विस्तार और हमले की साजिश रचने का आरोप
अहमदाबाद,03 जुलाई(आरएनएस)। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने शुक्रवार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर गुजरात सहित देश के विभिन्न हिस्सों में संगठन का नेटवर्क फैलाने और आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में छह की उम्र 23 वर्ष से कम है। इन्हें गुजरात के बनासकांठा, पाटन और नवसारी जिलों तथा मध्य प्रदेश के देवास जिले से पकड़ा गया है।
मदरसों से जुड़े होने की भी जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से तीन का संबंध सिद्धपुर और चिखली स्थित धार्मिक मदरसों से रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संस्थानों का इस मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसेन घाघा (30), मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला (22), जकारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (21), मुफ्ती फौजन इस्माइल दाऊवा (40), मोहम्मद अमीन शेरा (21), मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी (22) और बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (18) के रूप में हुई है।
गुजरात में मॉड्यूल खड़ा करने की साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह समूह गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का एक संगठित मॉड्यूल तैयार करने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि संगठन के नेटवर्क को मजबूत कर विभिन्न राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
एटीएस फिलहाल आरोपियों के संपर्क सूत्रों, फंडिंग, प्रशिक्षण, डिजिटल गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
यूएपीए सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
गुजरात एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेडऩे, आतंकी गतिविधियों और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं।
जांच जारी
एटीएस का कहना है कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण की है और पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या छापेमारी की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों या विदेश स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
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