० छत्तीसगढ़ के आवास मंत्री के बंगले पर धरना
रायपुर, 04 जुलाई (आरएनएस)। नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हाउसिंग बोर्ड द्वारा की गई इस कार्रवाई में 80 से ज्यादा मकान ढहा दिए गए, जिसके बाद शुक्रवार को विस्थापित परिवारों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रभावित ग्रामीणों ने पहले कलेक्ट्रेट के सामने धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, और फिर पैदल मार्च करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव किया। यह प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
इधर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नकटी गांव में 66 एकड़ क्षेत्र में बाउंड्रीवाल और फेंसिंग का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में और नाराजगी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि प्रशासन संवाद के बजाय दबाव की नीति अपना रहा है। दूसरी ओर, मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। नकटी के बाद अब नया रायपुर के ही तूता गांव में भी लोगों को नोटिस मिलने लगे हैं, जिससे गांव में बुलडोजर कार्रवाई की आशंका से दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने डर के मारे खाना तक नहीं बनाया है और महिलाएं व बच्चे रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं।
प्रभावित परिवारों को दें दो हजार वर्गफीट जमीन
कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभावित परिवारों को गांव में ही 2 हजार वर्गफीट जमीन और उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। वहीं, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। हाउसिंग बोर्ड का दावा है कि नकटी गांव में 77 लोगों ने करीब 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। बोर्ड के अनुसार, 2023 के बाद से यहां तेजी से पक्के निर्माण बढ़े थे।
फ्लैट छोड़कर कब्जे में लौटे ग्रामीण
प्रशासन ने विस्थापित परिवारों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित किए हैं, लेकिन ग्रामीण इन्हें रहने योग्य नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि बड़े परिवारों के लिए ये फ्लैट पर्याप्त नहीं हैं और यहां बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार व बच्चों की पढ़ाई का संकट भी खड़ा हो गया है। इसी कारण कुछ परिवार फ्लैटों में ताला लगाकर वापस गांव लौट आए हैं। अब तूता गांव के ग्रामीणों को भी 6 जुलाई तक एनआरडीए को जवाब देने को कहा गया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
एसएस
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