बालोतरा/जोधपुर ,04 जुलाई(आरएनएस)। राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में आज का दिन एक नए युग की शुरुआत के रूप में हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बालोतरा जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया. करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह परियोजना केवल राजस्थान की पहली रिफाइनरी नहीं है, बल्कि देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है. प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी की महिला कर्मचारियों से बात करके उनके साथ फोटो भी खिंचवाया. प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी कंट्रोल रूम में जाकर पूरी तकनीक की जानकारी भी कर्मचारियों से ली.
राजस्थान रिफाइनरी का लोकार्पण करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान की इस धरती से भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है. ये रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी. आज का दिन साक्षी है कि बीजेपी सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ केवल शिलान्यास करके नहीं छोड़ती है. हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. दो महीने पहले यहां जो हादसा हुआ, उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना परिश्रम की परिकाष्ठा का उदाहरण है. नया भारत अपने संकल्प से न पीछे हटता है और न ही अपनी रफ्तार कम करता है.
उन्होंने तेल का संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया हाहाकार मचा है. हर देश त्रस्त है, इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया. बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, 21वीं सदी के सबसे ऊर्जा संकट पर भारत के प्रयास भारी पड़े हैं. भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए. संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई. भारत के संसाधनों का सही प्रयोग किया, तब जाकर भारत संकट से ऊबर पाया है. जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी तब देश में दिन-रात काम हो रहा था, किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था, वो प्रयास, धैर्य, नीतिगत, कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए एक-एक संवेदनशील कदम अभूतपूर्व है.
पीएम ने कहा कि तेल सप्लाई की कोई बड़ी चुनौती नहीं आई. युद्ध के समय भारत के दूसरे देशों के साथ जो दोस्ती है वो काम आ गई. संकट शुरू होने से पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिखा, हमारे अच्छे संबंध दूसरे देशों के साथ काम आए. भारत युद्ध के दौरान 40 से अधिक देशों से ईंधन मंगवाने लगा. दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्र और राष्ट्र के नागरिकों का हित पहले है. इस चुनौती से देश ऐसे ही नहीं उबरा, इसके पीछे हमारी एक दशक से चल रही दूरदर्शिता मुख्य है.
पीएम ने कहा कि एलपीजी के घरेलू उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ नहीं पडऩे दिया, जो हालात थे उसमें घरेलू गैस की कीमत दो हजार तक जा सकती थी. रसोई गैस के विषय में हम सभी जानते हैं कि हमारी जरूरतों की 60 फीसदी एलपीजी दूसरे देशों से आयात होती है. इसमें से 90 प्रतिशत एलपीजी गल्फ देशों से आ रही थी, होर्मुज होते हुए. अचानत उत्पन्न हुई संकट ने उस सप्लाई को बंद कर दिया, लेकिन राजस्थान की इस धरती ने हमें चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है. हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के सामर्थ्य पर काम किया. तीन महीनों के भीतर एलपीजी के उत्पादन की बढ़ोतरी हुई, पहले 35 हजार मेट्रिक टन उत्पादन होता था, वो बढ़कर 54 हजार मेट्रिक टन हो गया. रसोई गैस का पूरा लोड एलपीजी पर न पड़े, इसका भी ध्यान रखा, पीएनजी गैस कनेक्शन का अभियान चलाया गया. बहुत कम समय में 11 लाख कनेक्शन पीएनजी से जोड़ दिया गया. घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पडऩे दिया. हमारे यहां अभी भी घरेलू सिलेंडर 950 रुपए से कम में दिया जा रहा है.
उज्जवला तो 650 में आ रहा हैं. उन्होंने कहा कि दो दिन पहले सरकार ने कर्मिशल सलेंडर की कीमत में भी कमी की है. यह हमारी सरकार की संवदेनशीलता है. युद्ध की वजह से पेट्रोल-डिजल का संकट बहुत बड़ा था. क्रूड आयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. दुनिया के कई देशों में 40 से पचास फीसदी तक भाव बढ़े. भारत में एक दिन भी ऐसे हालात नहीं बने कि कोटे से तेल मिले. उन्होंने कहा कि अफवाहें बहुत फैलाई गई, लोगों का डराया गया. राजनीति के खेल खेले गए, लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वे सफल नहीं हो पाए. दूर दराज में थौड़ी चुनौति के अलावा कोई परेशानी नहीं आई. उन्होंने कहा कि दो माह में 75 हजार करोड़ का घाटा कंपनियों ने उठाया, इसकी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई. इतने घाटे से एक रिफाइनरी बन सकती हैं, लेकिन हमने ज्यादा बोझ जनता पर नहीं पडऩे दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि 50 साल से अमेरिरका में कोई नई रिफाइनरी नहीं बनी हैं. यूरोप में रिफाइनरी की क्षमता गिर रही हैं, लेकिन 2030 तक हमारा देश की 270 मिट्रिक टन की क्षमता 300 पार कर जाएगी. यह हमारे देश की 24वीं रिफाइनरी हैं. यह आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम है. पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर में सप्लाई बाधित हुई, हमारे यहां पेट्रोल पंप ड्राइ नहीं हुए. पीएम ने कहा कि कठिन लगने वाले संकट भी सिद्ध हो जाते हैं, अगर नीयत साफ हो. हम वर्तमान में दुनिया की चौथी रिफाइनरी की क्षमता वाला देश हैं, यह आने वाले समय में और बढ़ेगी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अफवाहें बहुत फैलाई गई, राजनीतिक खेल खेले गए, लेकिन जिनके इरादे गलत थे वो सफल नहीं हो पाए. ‘आज मैं 140 करोड़ देशवासियों का आभार प्रकट करता हूं, देशवासियों को नमन करते हुए धन्यवाद देता हूं, जिस तरह मुश्किल समय में देश के साथ खड़े रहे, अफवाह फैलाने वाले साजिशों को नाकाम किया’. जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे हैं, इसके लिए भविष्यवाणी करने लगे थे, वो आज निराशा की गर्त में पड़े होंगे.
पीएम ने कहा कि आज राजस्थान में अलग-अलग स्थान पर प्रदेश के लोग जुटे हैं. ‘मैं स्क्रीन पर देख रहा था, जहां देखो लोग ही लोग नजर आ रहे हैं. सभी मेरे राजस्थान के भाई-बहन को प्रणाम करता हूं’. गर्मी के मौसम में इतनी बड़ी मात्रा में आना और हमें आशिर्वाद देना ये दिखाता है भाजपा सरकार के प्रयासों पर आपका विश्वास कितना बुलंद है. ‘ मैं इस समर्थन और स्नेह के लिए राजस्थान की माटी का ऋणी हुं. ये धरती अनगिनत वीरों के शौर्य की साक्षी रही, इस रण के कण-कण में हमें स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की सीख दी है. स्वाभिमान व्यक्ति का या देश का तभी ऊंचा रह सकता है जब वो आत्मनिर्भर हो, दूसरों पर कम निर्भर हो’.
पीएम ने कहा कि आज ही जोधपुर में नए टर्मिनल का उदघाटन किया गया है. चारों तरफ राजस्थान ही राजस्थान दिख रहा है. ये मारवाड़ में पर्यटन और रोजगार को गति देगा. जोधपुर से उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है. आज राजस्थान के करीब 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र भी मिला है, नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं.
पीएम ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए काम नहीं किया, बीजेपी हमेशा राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलती है. हमने जब गुजरात में पानी संकट पर काम किया तो उस समय बिना किसी वाद-विवाद गुजरात से नर्मदा का पानी राजस्थान के साथ साझा किया. आज राजस्थान और हरियाणा में बीजेपी सरकार है तो आपसी सहमति से समाधान निकाले गए. दोनों राज्य मिलकर शेखावटी को पानी पिलाएंगे. इसका लाभ सीकर, झुंझुनू, चूरू समेत आसपास के क्षेत्र को लाभ मिलने वाला है. इस पर 34 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
जिसका शिलान्यास करते हैं उसका लोकार्पण भी करते हैं: पीएम मोदी ने कहा कि 2015 में हमने रिफाइनरी के लिए एमओयू साइन किया था, लेकिन 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार होने से असहयोग होने से काम ठप हो गया. राजस्थान में डबल इंजन की सरकार आई तो काम तेजी से बढ़ा, आज इसका लोकार्पण कर रहे हैं. ‘मेरी कार्यशैली है कि जिसका शिलान्यास करते हैं, उसका लोकार्पण भी करते हैं. इस दौरान यूरिया का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध से यूरिया की कीमत बढऩे के बावजूद किसानों को 300 रुपए में खाद देते रहे.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पचपदरा में सभा के दौरान कहा कि आज का दिन केवल राजस्थान और भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा करने में काफी चुनौतियां आईं. कच्चा तेल को रिफाइनरी तक पहुंचाने के लिए मुंदड़ा से पाइपलाइन बिछाई. मंगला तेल से लाइन बिछाई. पीएम का संकल्प था कि थार क्षेत्र को देश के विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए. परियोजना की शुरुआत सितंबर 2013 में हुई. 2018 से 2023 के बीच पांच साल में ये परियोजना अटकी रही. राजस्थान सरकार की तरफ से जो भागीदारी आनी थी वो नहीं आई. भाजपा सरकार बनने के बाद हालत बदली और यहां स्थित बदली. जब भी हम विश्व में रिफाइनरी की बात करते हैं तो उनकी तकनीक को 1 से 20 में ग्रेड किया जाता है. इसकी 17 है इसका मतलब है कि ये विश्व के टॉप 25 प्रतिशत रिफाइनरी में आएगी. इसकी लागत 80 हजार करोड़ की है.
रिफाइनरी के उद्घाटन के मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज बहुत सौभाग्यशाली दिन है कि हमें पीएम मोदी का मार्गदर्शन मिल रहा है. सीएम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम जब भी राजस्थान आए हैं तब ही राजस्थान को नई-नई सौगात देने का काम किया है. पीएम जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं. 16 जनवरी 2018 को इसके काम का शुभारंभ किया था, आज उसका उदघाटन हुआ है. पीएम मोदी ने कहा था कि ये रिफाइनरी यहां की तकदीर और तस्वीर बदलेगी. आज का दिन औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे. जयपुर में मेट्रो फेज 2 के लिए 13 हजार करोड़ की सौगात दी है. इसका शिलान्यास हुआ है. पीएम देश के युवाओं के ऊर्जा के स्रोत हैं. प्रदेश के इतिहास में काफी कम समय में बंपर सरकारी नौकरी देने का काम किया है. हाल में यमुना जल को लेकर ऐतिहासिक एमओए हुआ है. हम सभी कहते हैं कि मोदी है तो मुमकिन है.
इस परियोजना के शुरू होने से राजस्थान ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है. इस अत्याधुनिक परिसर में शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को एकीकृत किया गया है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है.
वहीं इससे पहले पीएम मोदी पहले जोधपुर पहुंचे. यहां उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण किया. इस दौरान उनके साथ नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, उड्डयन राज्य मंत्री, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व राज्यपाल हरिभााउ बागड़े भी मौजूद रहे.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट के इंटिरियर की जानकारी दी. पीएम ने उड़ान योजना के दूसरे चरण की भी शुरुआत की है. इसके तहत अगले दस साल तक करीब 28 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे. लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री करीब 15 मिनट एयरपोर्ट में रहे. इसके बाद वे पचपदरा के लिए रवाना हो गए. एयरपोर्ट में पीएम के स्वागत के लिए राजस्थानी नृत्य भी प्रस्तुत किया गया.
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