New Delhi 06 JUlly /- 8th Pay Commission से जुड़ी बड़ी खबर देश के करीब 65 लाख केंद्रीय पेंशनर्स के लिए सामने आई है। आयोग विभिन्न राज्यों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। इस दौरान कई बड़े कर्मचारी संगठनों ने पेंशन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करते हुए न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, उम्र के साथ अतिरिक्त पेंशन देने और पेंशन स्कीम चुनने की स्वतंत्रता जैसे अहम प्रस्ताव आयोग के सामने रखे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला 8वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा भी करेगा। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं, सरकार ने इन्हें अभी मंजूरी नहीं दी है।
आयोग के समक्ष नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) समेत कई प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
पेंशनर्स की 5 सबसे बड़ी मांगें
1. न्यूनतम पेंशन 67% करने की मांग
संगठनों ने मांग की है कि न्यूनतम पेंशन को कर्मचारी के अंतिम वेतन या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन के 67% के बराबर किया जाए।
2. Fitment Factor और Dearness Relief (DR) में बदलाव
पेंशन की गणना में इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा करने और डियरनेस रिलीफ (DR) के ढांचे में सुधार कर इसे पेंशन लाभों से बेहतर तरीके से जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया है।
3. Family Pension और Gratuity में सुधार
संगठनों ने फैमिली पेंशन का दायरा बढ़ाने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने और पेंशन कम्यूटेशन (एकमुश्त राशि लेने के नियम) में बदलाव की मांग की है।
4. OPS, NPS और UPS में विकल्प देने की मांग
रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी सुविधा के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक योजना का चयन करने का विकल्प देने का सुझाव दिया गया है।
5. उम्र बढ़ने के साथ बढ़े पेंशन का लाभ
कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि जैसे-जैसे पेंशनर्स की उम्र बढ़े, उनकी पेंशन में भी अतिरिक्त बढ़ोतरी दी जाए। प्रस्ताव के अनुसार 90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को अंतिम वेतन के 100% तक पेंशन देने की मांग की गई है

