रायपुर, 06 जुलाई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) में बाघ की खाल और कंकाल की तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, यूएसटीआर की एंटी पोचिंग स्क्वॉड और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान तीसरी बाघ की खाल भी बरामद की गई है, जबकि एक और खाल की तलाश जारी है।
जांच में सामने आया है कि तस्करी के इस सिंडिकेट में महाराष्ट्र के दो आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल थे। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, वन्यजीव अपराध के किसी मामले में आत्मसमर्पित नक्सलियों की संलिप्तता पहली बार सामने आई है। आशंका है कि जंगलों की गहरी जानकारी का फायदा उठाकर तस्करों ने उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ा।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि दो बाघों का शिकार बीजापुर जिले के पासेवाड़ा स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में किया गया था। हालांकि प्रारंभिक जांच में वन विभाग के रिकॉर्ड में इन बाघों का कोई उल्लेख नहीं मिला, जिससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में इंद्रावती टाइगर रिजर्व का एक चौकीदार, महाराष्ट्र पुलिस के दो जवान, दो आत्मसमर्पित नक्सली और तीन अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।
इस मामले के बाद वनबल प्रमुख अरुण पाण्डेय ने इंद्रावती सहित प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और बाघों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुखबिर तंत्र को मजबूत करने और जंगलों को फंदामुक्त बनाने के लिए विशेष एंटी स्नेयर वॉक अभियान चलाने की घोषणा की है।
०
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

