0-भारत के खिलाफ युद्ध छेडऩे, सीमा पार साजिश और आतंकी हमले की योजना में भूमिका के आरोप
जम्मू,06 जुलाई(आरएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ विशेष न्यायालय में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर स्थित एनआईए के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत इस आरोपपत्र में हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है।
एनआईए के अनुसार हाफिज सईद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारत के विरुद्ध युद्ध छेडऩे, सीमा पार से आतंकी साजिश रचने तथा आतंकवादी गतिविधियों का संचालन करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
एजेंसी ने बताया कि यह पूरक आरोपपत्र पहले दाखिल किए गए 1,597 पृष्ठों के मूल आरोपपत्र का विस्तार है। इसमें वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण तथा घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
इससे पहले एनआईए ने 15 दिसंबर 2025 को पाकिस्तानी आतंकवादी संचालक साजिद जट्ट, जुलाई 2025 में ‘ऑपरेशन महादेवÓ के दौरान मारे गए तीन आतंकवादियों तथा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था। इन सभी पर पहलगाम आतंकी हमले की योजना बनाने, उसे अंजाम देने और उसमें सहयोग करने का आरोप है।
गौरतलब है कि अनंतनाग जिले के पहलगाम थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2019 की अधिसूचना के अनुसार हाफिज सईद भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता रहा है। इनमें 22 दिसंबर 2000 को लाल किले पर हुआ हमला शामिल है, जिसमें दो सैनिकों सहित तीन लोगों की मृत्यु हुई थी।
इसके अलावा 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए भीषण आतंकवादी हमले का भी वह प्रमुख आरोपी है। इस हमले में 25 विदेशी नागरिकों सहित 166 लोगों की जान गई थी, जबकि 235 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2015 में सीमा सुरक्षा बल के काफिले पर हुए आतंकी हमले में भी उसकी संलिप्तता बताई गई है।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस हमले में 26 पुरुष पर्यटकों की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ चलाया। बाद में पाकिस्तान के अनुरोध पर 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू हुआ।
एनआईए का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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