नईदिल्ली,06 जुलाई(आरएनएस)। केंद्र सरकार सहकारी क्षेत्र के लिए नई जीवन बीमा कंपनी बनाएगी। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने आज (6 जुलाई) इस बात की घोषणा की है। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना और इस क्षेत्र को मजबूत बनाना है। उन्होंने मंत्रालय के स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि सरकार सहकारी संस्थाओं को खेती और डेयरी से आगे बढ़ाकर नए क्षेत्रों में भी अवसर देना चाहती है, ताकि उनकी भागीदारी लगातार बढ़ सके।
केंद्र सरकार ने बताया कि भारत टैक्सी योजना को अच्छा समर्थन मिला है और अगले दो वर्षों में इसे 500 शहरों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके साथ ही 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को डिजिटल बनाकर ई- पीएसीएस में बदला जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सहकारी संस्थाओं का काम पहले की तुलना में काफी आसान होगा, सेवाएं तेज होंगी और गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की गई। इनमें नए अनाज गोदाम, भंडारण केंद्र, बीज उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं और अन्य सहकारी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों और सहकारी संस्थाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, बीज उत्पादन को मजबूत बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
भारत सरकार का कहना है कि देश में करीब 8.5 लाख सहकारी समितियां हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। आने वाले वर्षों में इस नेटवर्क को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने, नई सुविधाएं विकसित करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सहकारी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित की जाए।
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