नई दिल्ली ,07 जुलाई ,। कुछ सपने अधूरे ही रह जाते हैं। तमाम कोशिशों और अथक मेहनत के बावजूद वे मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। फुटबॉल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। फीफा विश्व कप-2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसके साथ ही रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया।
मैच से एक दिन पहले 41 वर्षीय रोनाल्डो ने साफ कर दिया था कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए ‘करो या मरोÓ जैसा था। हार के बाद जब वह नम आंखों के साथ मैदान से बाहर निकले तो स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों और दुनिया भर में मैच देख रहे उनके करोड़ों प्रशंसक भी भावुक हो उठे।
मुकाबला उम्मीद के मुताबिक बेहद रोमांचक और कांटे का रहा। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, वहीं रक्षा पंक्ति भी पूरी तरह सतर्क रही। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। मैच का फैसला इंजुरी टाइम में हुआ, जब स्पेन के स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद पुर्तगाल ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने उसकी एक न चली।
इस मुकाबले के साथ 2010 विश्व कप की यादें भी ताजा हो गईं, जब क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने पुर्तगाल को इसी 1-0 के अंतर से हराया था। उस वर्ष स्पेन ने पहली बार विश्व कप का खिताब भी अपने नाम किया था। रोनाल्डो ने अपने शानदार करियर में क्लब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग हर बड़ा खिताब और व्यक्तिगत सम्मान हासिल किया, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी उनके हाथ नहीं लग सकी। मैच समाप्त होने के बाद उनकी आंखों में छलकते आंसू इस अधूरे सपने का दर्द साफ बयां कर रहे थे।
मैच की शुरुआत से ही स्पेन ने दबाव बनाया। तीसरे मिनट में डानी ओल्मो के पास पर मिकेल ओयारजाबाल को पहला मौका मिला, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर चला गया। इसके बाद पुर्तगाल के गोलकीपर डियोगो कोस्टा ने यामाल और एलेक्स बाएना के शानदार प्रयासों को विफल कर अपनी टीम को राहत दिलाई। पुर्तगाल ने भी जवाबी हमला किया। 41वें मिनट में नूनो मेंडेस का जोरदार लेफ्ट फुट शॉट पेड्रो पोरो से टकराकर क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। पहले हाफ में दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं।
दूसरे हाफ की शुरुआत में पुर्तगाल ने आक्रामक रुख अपनाया और स्पेन पर लगातार दबाव बनाया। रोनाल्डो ने भी कुछ अच्छे प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। 76वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडिस का दमदार शॉट साइड नेट में जाकर लगा, जबकि डानी ओल्मो के एक और खतरनाक प्रयास को रूबेन डियास ने शानदार तरीके से रोक दिया।
जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी इंजुरी टाइम के पहले मिनट में मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल कर स्पेन को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया। वहीं, इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप चैंपियन बनने का सपना भी हमेशा के लिए टूट गया।
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