प्रदेश सरकार ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड और संस्थाओं में नई नियुक्तियों की घोषणा कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से जनसेवा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।
रायपुर, 7 जुलाई 2026 (आरएनएस) छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से प्रदेश में जनकल्याण और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।
नई नियुक्तियों के तहत छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास बनाए गए हैं, जबकि देवशरण सेन को सदस्य नियुक्त किया गया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू होंगी। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे तथा सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर और दयावंत धर बांधे को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष आनंद निषाद तथा सदस्य नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मंडल, रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत एवं सदस्य सुमन मुथा, जबकि शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र नायक बनाए गए हैं। बोर्ड के सदस्यों में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की सदस्य प्रसन्ना अवस्थी नियुक्त की गई हैं।
इसके साथ ही रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी (श्री राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सभी पदाधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल, प्रदेश सरकार की इन नियुक्तियों को प्रशासनिक और सामाजिक संस्थाओं में नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नवनियुक्त पदाधिकारी जनहित, सुशासन और विकास के लक्ष्यों को धरातल पर किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

