बिलासपुर, 07 जुलाईं (आरएनएस)। जिले में कथित रूप से नियमों के विरुद्ध संचालित निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एनएसयूआई ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चूडिय़ां और नजर का चश्मा भेंट कर विरोध दर्ज कराया।
एनएसयूआई का आरोप है कि एसएस पब्लिक स्कूल, केपीएस ब्रांच, अचीवर्स स्कूल मंगला समेत कुछ निजी स्कूलों के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल विद्यार्थियों और अभिभावकों पर स्कूल परिसर से ही किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसके अलावा निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए भी मजबूर किया जाता है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्कूल नियमों के विपरीत 12 महीने की फीस अग्रिम वसूल रहे हैं। साथ ही हर वर्ष टर्म फीस के नाम पर अतिरिक्त राशि ली जाती है और फीस जमा करने में देरी होने पर प्रतिदिन 10 रुपये विलंब शुल्क वसूला जाता है।
एनएसयूआई ने एसएस पब्लिक स्कूल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार विद्यालय पर्याप्त खेल मैदान के बिना संचालित हो रहा है तथा भवन के एक हिस्से को किराये पर दिया गया है। इसके अलावा मान्यता की शर्तों के उल्लंघन, अभिभावकों के आर्थिक शोषण और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है।
एनएसयूआई ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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