बिलासपुर, 07 जुलाईं (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रामायण आयोजन के लिए चंदा नहीं देने पर एक परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। पीडि़त ने आरोप लगाया है कि गांव के लोगों ने उससे और उसके परिवार से बातचीत, हुक्का-पानी, खेती-किसानी और मजदूरी तक बंद कर दी है। मामले में कलेक्टर और एसएसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
मामला रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव मोहदा का है। पीडि़त संतोष कुमार साहू के अनुसार, वर्ष 2023 में गांव में आयोजित नवधा रामायण कार्यक्रम के दौरान आर्थिक तंगी के कारण वह चंदा नहीं दे सके। इसके बाद गांव में बैठक कर उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव वालों ने उनसे सभी सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए और जो भी उनसे बातचीत करेगा, उस पर जुर्माना लगाने की बात कही गई।
संतोष कुमार साहू का कहना है कि उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में गांव के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि संतोष कुमार साहू गांव के हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते और धार्मिक आयोजनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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