रायपुर,07 जुलाई (आरएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा आम नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।व्हाट्सएप पर मिलेंगे बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका
बैठक में डिजिटल किसान किताब और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील या पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े।उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे किसानों और आम जनता के जीवन से जुड़ा है, इसलिए विभागीय सुधारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।आरबीसी 6-4 प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से आवेदक स्वयं आवेदन कर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा समयबद्ध होगी। साथ ही अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, सीमांकन मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा तथा जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।ङ्क्रस्हृष्ठ॥्रक्र्र परियोजना से होगा डिजिटल अभिलेखागार तैयार
बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives)) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार तैयार किया जाएगा। इससे प्रमाणित दस्तावेज कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो सकेंगे तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा।अबूझमाड़ सहित असर्वेक्षित गांवों का होगा सर्वेमुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित गांवों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि अभिलेख तैयार हो सकें और स्थानीय लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे की तैयारियां समय पर पूरी होंबैठक ें स्वामित्व योजना, वनाधिकार पट्टों की प्रविष्टि, पट्टाधृति अधिनियम-2023, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री तथा एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।साइबर तहसील और ई-कोर्ट व्यवस्था पर भी हुई चर्चाबैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित कई राजस्व सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ई-कोर्ट प्रणाली, ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन और भू-अर्जन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर में नक्शा डिजिटाइजेशन परियोजना का पायलट कार्य शुरू हो चुका है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रिक्त पदों पर जल्द भर्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक तथा अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास और तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, विशेष सचिव इफ्फ़त आरा, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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