रायपुर, 07 जुलाईं (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ का 16 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन मंगलवार को समाप्त हो गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और पावर कंपनी के उच्च प्रबंधन के साथ हुई सकारात्मक चर्चा तथा कर्मचारियों की मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद संघ ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। संघ ने सभी संविदा कर्मचारियों से बुधवार से अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटकर नियमित रूप से ड्यूटी करने की अपील की है।
आंदोलन समाप्त करने से पहले संघ के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर नियमितीकरण एवं समायोजन की एक सूत्रीय मांग पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष हरी चरण साहू, प्रदेश महामंत्री कमलेश भारद्वाज, संयुक्त महामंत्री योगेश साहू सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
डॉ. रमन सिंह ने दिया समाधान का भरोसा
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों पर शासन और पावर कंपनी प्रबंधन स्तर पर प्राथमिकता से विचार किया जाएगा। उन्होंने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव से भी चर्चा कर मांगों की समीक्षा कर शीघ्र समाधान का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
उपभोक्ताओं के हित में लिया फैसला
संघ ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की सकारात्मक पहल और सरकार से मिले आश्वासन के बाद आम उपभोक्ताओं को हो रही असुविधा तथा प्रदेशहित को देखते हुए आंदोलन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही नियमितीकरण और समायोजन की लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेगी।
कर्मचारियों को मिलेंगी ये राहतें
आंदोलन समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण राहत मिलने की बात कही गई है, जिनमें प्रमुख हैं—
निशर्त और तत्काल कार्य पर वापसी।
आंदोलन अवधि के वेतन कटौती में राहत।
बीमा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ।
शासन और प्रबंधन के साथ सकारात्मक संवाद की बहाली।
करीब 16 दिनों तक चले इस आंदोलन के समाप्त होने से प्रदेश की बिजली व्यवस्था के सामान्य संचालन में राहत मिलने की उम्मीद है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार और पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा नियमितीकरण एवं समायोजन की मांग पर लिए जाने वाले फैसले पर टिकी है।
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