मुंबई ,08 जुलाई ,। भारत ने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति को लेकर करार किया। इससे एक तरफ देश के दक्षिणपूर्व एशियाई देश के साथ संबंध मजबूत होंगे और दूसरी तरफ देश की घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही, इंडोनेशिया भारत में बनी ‘अस्त्रÓ एयर-टू-एयर मिसाइलें भी खरीदने वाला है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘अस्त्रÓ एक ‘बियॉन्ड-विजुअल-रेंजÓ मिसाइल है, जिसे तेजी से दिशा बदलने वाले दुश्मन के विमानों को ट्रैक करके नष्ट करने के लिए बनाया गया है।
भारत के इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरीज भी देने की संभावना है।
ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान किए गए, जो उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे देशों के बीच बढ़ता भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। आज, हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आज हुए समझौते से इंडोनेशिया के नागरिकों के लिए भारत की अच्छी क्वालिटी वाली और सस्ती दवाएं और भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। हम इंडोनेशिया में डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स की क्षमता बढ़ाने में भी मदद करेंगे।
भारत और इंडोनेशिया ने स्टील सप्लाई चेन के लिए मिनरल्स और टेक्नोलॉजी पर भी समझौता किया है। इसका मकसद जरूरी मिनरल्स की सप्लाई चेन को मजबूत करना है। भारत इंडोनेशिया के लिए खास इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाने में भी मदद करेगा और इस दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश को अपनी चुनाव टेक्नोलॉजी की जानकारी देगा।
इस बीच, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सबसे बड़े सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशियाÓ से सम्मानित किया।
1959 में शुरू किया गया ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशियाÓ सम्मान, असाधारण सेवा के लिए दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश द्वारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा नागरिक और सैन्य सम्मान है। यह प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया भर में मिले सबसे बड़े सम्मानों की बढ़ती सूची में एक और सम्मान है।00
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